: नेपाल और बिहार में भारी बारिश से बने बाढ़ के हालात, कोसी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही
Admin
Sun, Jun 20, 2021
नेपाल और बिहार के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। यहां के मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज के कई इलाकों में पानी भर गया है। गंडक, बूढ़ी गंडक के बाद अब कोसी नदी भी खतरे के निशान से 5 cm ऊपर बह रही है। इधर, गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, वाल्मीकिनगर में गंडक का जलस्तर कम हो रहा है। 24 घंटे में उसमें लगभग 1.70 लाख क्यूसेक की कमी आई।
इधर, देश में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। सिक्किम, पूर्वोत्तर के राज्यों, केरल, मध्यप्रदेश और विदर्भ के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात क्षेत्र, महाराष्ट्र सहित कुछ इलाकों में हल्की बारिश संभव है। वहीं, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा में भी हल्की बारिश हो सकती है।
बिहार: पश्चिमी चंपारण के इलाकों में संपर्क टूटा; गंगा का जलस्तर बढ़ा
प्रदेश में बने बाढ़ के हालात की वजह से पश्चिमी चंपारण के कई जिले का संपर्क टूट गया है। यहां तेज बारिश के चलते सड़क बह गई। दहशत के चलते लोग इलाके से पलायन कर रहे हैं। नरकटियागंज के 5 प्रखंडों के 42 गांव और बगहा के 7 प्रखंडों में 85 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। मुजफ्फरपुर में भी बूढ़ी गंडक का जलस्तर रिकॉर्ड 2 मीटर और गंडक का जलस्तर 1 मीटर 40 cm बढ़ गया। बागमती का जलस्तर कटौझा में खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे स्थिर था।
गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। यहां बक्सर, पटना, मुंगेर, भागलपुर में वृद्धि देखी गई है। पटना के दीघा में इसके जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 65 cm, गांधीघाट पर 58 cm और हाथीदह में 76 cm, मुंगेर में 1.05 cm, भागलपुर में 34 cm की बढ़ोतरी हुई है।
राजस्थान: जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर में जमकर बरसा पानी
राजस्थान में शुक्रवार को जैसलमेर समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान में 18 जून को 30-50 KM गति से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। साथ ही आज उदयपुर, अजमेर संभाग के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। राज्य में अगले 3-4 दिन अलग-अलग जगहों पर प्री-मानूसन की बारिश होने की भी संभावना मौसम विभाग ने जताई है।
इससे पहले गुरुवार को राज्य के पश्चिमी इलाके के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर में बारिश हुई। बाड़मेर के शिव, चोहटन सहित कई जगहों पर तेज बारिश हुई। जैसलमेर जिले और उसके रेगिस्तानी इलाकों में भी तेज बारिश से कई जगहों तो नदियां जैसी बहने लगी। बीकानेर जिले में भी पाकिस्तान से लगते सीमावर्ती क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जिसके बाद इन जिलों में तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे आ गया।
इधर, दक्षिण राजस्थान के कोटा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, उदयपुर और सिरोही के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे। बांसवाड़ा में तड़के तेज आंधी के साथ बारिश हुई। यहां शहर की सिंधी कॉलोनी में मकान के बाहर नीम के पेड़ की बड़ी शाखा टूटकर गिर गई। तेज आंधी के कारण यहां कई जगह बिजली पोल भी गिर गए।
उत्तरप्रदेश: वाराणसी में तेज बारिश से सड़कों और अस्पताल में भराया पानी
प्रदेश में आज से फिर बादल सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास इलाकों के कई जिलों में अगले 1 से 2 दिन तक बारिश हो सकती है। प्रदेश के महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, संत रविदास नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या तथा आंबेडकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है।
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